उत्तराखंड

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड की टीम में चयन को लेकर मतभेद, केवल स्थायी निवासियों को मिलेगा मौका या बाहरी खिलाड़ी भी होंगे शामिल

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को पदक तालिका में शीर्ष पांचवें स्थान पर लाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके लिए मेजबान टीम से न सिर्फ उत्तराखंड के खिलाड़ी बल्कि बाहरी राज्यों के खिलाड़ी भी मैदान में दिखाई देंगे। 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक के लिए मेजबान उत्तराखंड से कई बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों को मैदान में उतारने की तैयारी है। हालांकि ऐसे में जबकि राष्ट्रीय खेल शुरू होने में अब मात्र 23 दिन बचे हैं, खेलों के लिए जिम्मेदार अधिकारी एवं एसोसिएशन बाहरी एवं राज्य के खिलाड़ियों के मसले पर असमंजस में है। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को पदक तालिका में शीर्ष पांचवें स्थान पर लाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके लिए मेजबान टीम से न सिर्फ उत्तराखंड के खिलाड़ी बल्कि बाहरी राज्यों के खिलाड़ी भी मैदान में दिखाई देंगे। खेल एसोसिएशनों का कहना है कि हर खेल में ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो मूल व स्थायी रूप से उत्तराखंड के नहीं हैं, लेकिन राज्य में प्रशिक्षण ले रहे, स्कूल, कालेज में पढ़ रहे, राज्य में नौकरी कर रहे या रिश्तेदारी में रहने वाले खिलाड़ियों को मेजबान टीम से मैदान में उतारा जाएगा। उत्तराखंड एथलेटिक एसोसिएशन के अध्यक्ष केजेएस कलसी बताते हैं कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों में मेजबान टीम से मैदान में उतरने के लिए मूल या स्थायी निवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। उत्तराखंड में रहकर प्रशिक्षण ले रहे या रिश्तेदारी में रह रहे खिलाड़ी भी उत्तराखंड की टीम का हिस्सा होंगे।

विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा बताते हैं कि मेजबान टीम से सिर्फ वे खिलाड़ी टीम का हिस्सा होंगे जो कम से कम पिछले छह महीने से उत्तराखंड में रह रहे हों। उत्तराखंड के किसी स्कूल, कालेज में पढ़ रहे हों, यहां नौकरी कर रहा हो या किसी काम में कार्यरत हों।

जबकि इसके ठीक उलट उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश नेगी का कहना है कि राज्य की टीम से केवल वे ही खिलाड़ी खेल सकेंगे जो उत्तराखंड के मूल या स्थायी निवासी हों। राज्य की किसी भी टीम में पैराशूट खिलाड़ी नहीं चलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button