उत्तर प्रदेश

अल्पसंख्यक सेवा समिति का आरोप, प्रशासन दबाव में काम कर रहा है, दस्तावेजों के साथ हेराफेरी का खतरा

मस्जिद विवाद मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली अल्पसंख्यक सेवा समिति ने कहा प्रशासन दबाव में काम कर रहा है। सत्तारूढ़ पार्टी के स्थानीय विधायक भी खुलकर महापंचायत के मंच पर आए हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि कहीं उनके मस्जिद से जुड़े दस्तावेजों के साथ हेराफेरी न हो जाए। समिति के अध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को पूरे दस्तावेजों की छाया प्रतियां सौंपी। अब प्रशासन दबाव में दस्तावेजों पर भी कूटरचित होने का शक जता रहा है। एसडीएम भी मस्जिद को विवादित स्थल बता चुके हैं तो उनके दस्तावेजों के साथ हेराफेरी संभव है।

हालांकि सभी दस्तावेजों की तीन-तीन प्रतिलिपि निकालकर प्रशासन, हाईकोर्ट में भी दी है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मस्जिद मामले की जांच स्थानीय प्रशासन की जगह बाहरी एजेंसी से कराने की मांग की। कहा कि महापंचायत को अनुमति देने का मामला हाईकोर्ट में उठाएंगे। जब इनके पास दस्तावेजों की सत्य प्रतिलिपियां हैं तो दस्तावेजों के साथ हेराफेरी कैसे हो जाएगी। रिकॉर्ड रूम में कोई दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करेगा तो फौजदारी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। -मुकेश चंद रमोला, एसडीएम भटवाड़ी।

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