सांझ केंद्रों में अब Voter ID, Passport और DL होंगे मान्य

पंजाब पुलिस ने राज्यभर के सभी सांझ केंद्रों में पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड स्वीकार करना बंद कर दिया है। यह फैसला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा डेटा सुरक्षा और नागरिकों की गोपनीयता को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है। नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और सभी सांझ केंद्रों को इसका पालन करने के लिए कहा गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब शिकायत दर्ज कराने, पुलिस वेरिफिकेशन, चरित्र प्रमाण पत्र, किरायेदार और घरेलू नौकर सत्यापन, पासपोर्ट वेरिफिकेशन सहित अन्य पुलिस सेवाओं के लिए आधार कार्ड को पहचान या पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर नागरिकों को मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या सरकार द्वारा जारी अन्य वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा केवल अधिकृत एवं सुरक्षित डिजिटल सिस्टम पर ही प्रोसेस किया जाना चाहिए। यदि आधार से संबंधित जानकारी का उपयोग किसी अनधिकृत सर्वर या असुरक्षित प्लेटफॉर्म पर किया जाता है, तो नागरिकों की निजी जानकारी, बायोमेट्रिक डेटा और गोपनीय सूचनाओं के लीक होने का खतरा बढ़ सकता है। इसी जोखिम को देखते हुए पंजाब पुलिस ने यह एहतियाती कदम उठाया है। रूपनगर (रोपड़) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मनिंदर सिंह ने भी इस फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार यह बदलाव केवल नागरिकों के आधार डेटा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांझ केंद्रों में आने से पहले अपने साथ वैकल्पिक पहचान और पते से संबंधित वैध दस्तावेज अवश्य लेकर आएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस नए फैसले का असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना पुलिस से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए सांझ केंद्रों का उपयोग करते हैं। अब आधार कार्ड की जगह अन्य सरकारी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड की कानूनी वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और यह अब भी देशभर में एक मान्य सरकारी पहचान दस्तावेज बना रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने दोहराया कि यह निर्णय आधार कार्ड को अमान्य घोषित करने के लिए नहीं बल्कि केवल डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में यदि UIDAI की ओर से कोई नया दिशा-निर्देश जारी होता है तो उसके अनुसार नियमों में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। फिलहाल सभी सांझ केंद्रों को नए आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।




