उत्तराखंड

बम धमकी मामले में आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत कार्रवाई

उत्तराखंड में उस समय हड़कंप मच गया जब सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य के सभी पुलिस थानों को बम धमाकों से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया। इस संवेदनशील सूचना के बाद पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए देहरादून नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से धमकी देने वाले व्यक्ति और उससे जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान में जुटी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए गए संदेशों और डिजिटल गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार 22 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को 25 जून को बम धमाकों से उड़ाने की धमकी दी गई थी। शिकायत दर्ज कराने वाले उपनिरीक्षक रवि प्रसाद कवि ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए यह पोस्ट प्रसारित की, जिससे कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर चुनौती उत्पन्न हुई। पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल इसकी सत्यता और स्रोत की जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच के दौरान सामने आया कि कथित धमकी भरी पोस्ट हरियाणा के अंबाला निवासी जसप्रीत सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह द्वारा संचालित बताए जा रहे एक सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी हो सकती है। पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम पर jaspreet.devil नाम के एक प्राइवेट अकाउंट से यह पोस्ट साझा किए जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद यही सामग्री अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स और फेसबुक पर भी फैल गई, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया।

धमकी भरे संदेश में उत्तराखंड पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दावा किया गया था कि राज्य के सभी थानों में 25 जून को धमाके होंगे। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक शांति से जुड़ा संवेदनशील विषय मानते हुए कई स्तरों पर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पोस्ट केवल अफवाह फैलाने के उद्देश्य से की गई थी या इसके पीछे कोई संगठित साजिश मौजूद है।

देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया ट्रैकिंग और संबंधित प्लेटफॉर्म्स से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील पुलिस प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।

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