‘दोस्त’ बना दगाबाज, साथी ने फौजी की पत्नी को मिलने बुलाकर अपहरण के बाद मार डाला

गुरुग्राम के पास हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव बिहारीपुर की बणी (जंगल) में शनिवार सुबह मिले एक महिला के शव की पहचान हो गई है। मृतक महिला एक फौजी की पत्नी थी। महिला को उसकी ही कंपनी के सहकर्मी ने कथित तौर पर अगवा करने के बाद गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया था। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने सहकर्मी को उधार दिए एक लाख रुपये वापस मांगे थे। पुलिस हत्या के आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
मृतका की पहचान सविता के रूप में हुई है, जो फिलहाल रेवाड़ी के हंस नगर में रह रही थी। उसका पति सुनील कुमार सेना में कार्यरत है। सविता के पति के दोस्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि सविता हर्बल लाइफ कंपनी में काम करती थी और इसी कंपनी में भिवानी का अरुण कुमार भी उसके साथ काम करता था। अरुण ने सविता से 1 लाख रुपये उधार ले रखे थे।
जब उसने रुपये वापस मांगे तो वह आनाकानी करने लगा। जब उसने कहा कि वह इसकी शिकायत पुलिस में कर देगी तो अरुण ने उसकी हत्या का प्लान बनाया। उसने महिला को 1 फरवरी को रुपये देने के बहाने रेवाड़ी के रेलवे स्टेशन के पास किसी दूसरे नंबर से फोन कर बुलाया। जब वह वहां पहुंची तो अरुण ने कहा कि वह अपनी बहन से रुपये दिलवाएगा। यह बहाना बनाकर वह उसे अपनी कार में बैठाकर शहर से दूर ले गया।
इस बीच, सविता को कुछ संदेह होने पर उसने अपनी लोकेशन नरेंद्र को भेज दी थी। 5 मिनट बाद जब वह वहां पहुंचा तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। कुछ देर बाद जब दोबारा फोन किया तो सविता ने फोन रिसीव किया तो उसके चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं और वह कह रही थी कि अरुण मुझे मत मारो-मत मारो।



