बागेश्वर बीएलओ डेथ केस: पुलिस जांच जारी, परिजनों और प्रशासन के दावे आमने-सामने

बागेश्वर:- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कांडा थाना क्षेत्र स्थित बांसतोली गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के रूप में कार्यरत 47 वर्षीय कमला देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। कमला देवी कई वर्षों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं और हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं। परिजनों का आरोप है कि मतदाता सत्यापन और नोटिस वितरण से जुड़े कार्यों का अत्यधिक दबाव उन पर था। उनके पति पूरन राम का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लंबित नोटिस और अधिकारियों के लगातार फोन आने के कारण वह मानसिक तनाव में थीं।
दूसरी ओर, कपकोट विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अनिल चन्याल- ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कमला देवी ने अपने सभी निर्धारित कार्य पूरे कर लिए थे और उन्होंने कभी भी किसी प्रकार के कार्यभार या तनाव की शिकायत नहीं की थी। यदि कोई कठिनाई होती तो वह संबंधित अधिकारियों को अवगत करा सकती थीं।
कमला देवी परिवार की आर्थिक रीढ़ थीं। उनके वेतन से ही घर का खर्च चलता था और दोनों बच्चों की उच्च शिक्षा का दायित्व भी उन्हीं पर था। उनकी बेटी एमएससी की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है। उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट का सामना कर रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, परिवार को आर्थिक सहायता, आश्रितों को रोजगार और आवश्यक सरकारी सहयोग देने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।




