पंजाब

हाईकमान के फैसले से कांग्रेस में बढ़ा असंतोष

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी सियासत तेज होती नजर आ रही है। चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न समितियों की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन इन नियुक्तियों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर भी उभरने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस की कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। इसी बीच चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की अहम बैठक बुलाई, जिसमें पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु सहित कई पूर्व विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मौजूद नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस नेता तरसेम सिंह डीसी ने बैठक के दौरान कहा कि मौजूदा प्रदेश नेतृत्व के साथ कांग्रेस के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। उनका दावा था कि जनता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व से संतुष्ट नहीं है और बड़ी संख्या में लोग चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में देखना चाहते हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस हाईकमान द्वारा गठित चुनाव प्रचार समिति, घोषणापत्र समिति, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और कोर कमेटी में कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कोई बदलाव नहीं किया गया। माना जा रहा है कि इसी फैसले से पार्टी के एक वर्ग में नाराजगी बढ़ गई है। नियुक्तियों के बाद प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजइंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने ही सार्वजनिक रूप से हाईकमान का आभार जताया, जबकि अन्य कई वरिष्ठ नेताओं ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कुछ नेताओं का कहना है कि वे पहले इस फैसले की समीक्षा करेंगे, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी जल्द दूर नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की एकजुटता पर असर पड़ सकता है।

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