उत्तराखंड

निहंगों की रिहाई के बाद उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर स्थिति सामान्य

उत्तराखंड के कुल्हाल बॉर्डर पर पिछले तीन दिनों से बना तनाव आखिरकार रविवार को समाप्त हो गया। कर्णप्रयाग में निहंग सिखों से जुड़े विवाद के बाद उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि चारों गिरफ्तार निहंगों की रिहाई के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है। सभी निहंग अपने साथियों के साथ पंजाब और हरियाणा के लिए रवाना हो गए, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और अतिरिक्त पुलिस बल को भी वापस बुला लिया।

कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद बड़ी संख्या में निहंग सिख पांवटा साहिब पहुंचे थे और अपने चार साथियों की रिहाई की मांग कर रहे थे। सुरक्षा के मद्देनज़र कुल्हाल बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की विशेष निगरानी रखी गई थी। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए था ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

चारों निहंगों की रिहाई के बाद रविवार सुबह सभी निहंग पहले पांवटा साहिब गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने अरदास की। इसके बाद सुबह करीब छह बजे सभी जत्थे अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। उनके लौटने के बाद कुल्हाल बॉर्डर पर सामान्य आवाजाही फिर से शुरू हो गई और पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था को भी हटा लिया।

एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि सभी निहंग शांतिपूर्वक वापस लौट चुके हैं और क्षेत्र में अब पूरी तरह सामान्य स्थिति है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है, लेकिन फिलहाल किसी प्रकार के तनाव की स्थिति नहीं है।

इसी बीच सिख समुदाय के खिलाफ कथित भड़काऊ बयान देने के आरोप में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में उनके खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि मामला उत्तराखंड से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच के लिए एफआईआर को देहरादून के संबंधित पुलिस थाने भेज दिया गया है।

पांवटा साहिब के सूरजपुर निवासी परमजीत सिंह बंगा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि आशीष नेगी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं। शिकायत के अनुसार उन्होंने कथित रूप से कहा कि “हम स्वर्ण मंदिर पर दोबारा भी हमला कर सकते हैं, ब्लू स्टार ऑपरेशन याद करवा दूंगा।” इसके अलावा उन पर सिख समुदाय के लोगों को खालिस्तानी कहकर संबोधित करने का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कुल्हाल बॉर्डर पर शांति बहाल है, लेकिन भड़काऊ बयानबाजी के मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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