उत्तराखंड

विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन का हमला, कहा- सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटका रही है

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नेम प्लेट मामले पर मंगलौर विधायक ने सरकार पर साधा निशाना

मंगलौर विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन ने आपत्ति जताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि धामी सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए नए-नए नियम बनाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है. क़ाज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि कांवड़ यात्रा की सफलता सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार को चाहिए कि वह पहले अपनी व्यवस्थाओं को मज़बूत करे न कि छोटे दुकानदारों को अनावश्यक नियमों के जाल में उलझाए. क़ाज़ी निज़ामुद्दीन ने इसे व्यापारियों के प्रति एकतरफा सख्ती बताया.

विधायक ने किया मुज़फ्फरनगर कांवड़ मार्ग विवाद का जिक्र

विधायक ने हाल में मुज़फ्फरनगर में हुई एक घटना का भी जिक्र किया, जहां कुछ कुछ लोगों ने एक रेस्टोरेंट में काम कर रहे कर्मचारी की पैंट उतरवाकर पहचान उसकी धार्मिक पहचान जानने की कोशिश की. उन्होंने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताते हुए कहा, ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं. इन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए. विधायक ने सरकार से मांग की कि वह नियम बनाने से पहले यह सुनिश्चित करे कि उनका दुरुपयोग न हो और कानून व्यवस्था सभी के लिए समान रूप से लागू हो.

2024 में SC ने लगाई थी सरकार के आदेश पर रोक

गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल लाखों शिवभक्त उत्तराखंड में पहुंचते हैं. वर्ष 2024 में भी धामी सरकार ने कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी दुकानों के लिए निर्देश जारी किए थे कि दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर नेम प्लेट अनिवार्य रूप से लगाएं. हालांकि सरकार के इस आदेश को लेकर विरोध हुआ था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट  ने इस निर्देश पर रोक लगा दी थी.

 

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