उत्तराखंड

11 दिन बाद भी बबिता का कोई पता नहीं, परिवार की बढ़ी चिंता

उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल क्षेत्र से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई 24 वर्षीय युवती बबिता पांडे की तलाश लगातार जारी है। युवती की खोज के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग, SDRF, NDRF और वन विभाग की टीमें दिन-रात सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अब प्रशासन ने खोज अभियान को और तेज करते हुए हेलीकॉप्टर की मदद से भी तलाश शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार दयारा बुग्याल, गोई बेस कैंप और आसपास के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बबिता के होने की संभावना को देखते हुए हर संभावित स्थान की गहन तलाशी ली जा रही है। रविवार को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण कर लापता युवती का पता लगाने का प्रयास किया गया।

जानकारी के अनुसार बबिता पांडे (24) निवासी नैनीताल, अपने दो मित्रों हरमन पाल सिंह निवासी दिनेशपुर और हरमन प्रीत सिंह निवासी उत्तर प्रदेश के साथ 25 मई को उधम सिंह नगर से उत्तरकाशी के लिए रवाना हुई थीं। 26 और 27 मई को तीनों ने हर्षिल, गंगोत्री और आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इसके बाद 28 मई को वे रेथल गांव पहुंचे, जहां उन्होंने रात बिताई। गांव में लगे CCTV कैमरों में बबिता अपने दोनों दोस्तों के साथ अंतिम बार दिखाई दी थीं।

29 मई को तीनों मित्र रेथल गांव से दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए निकले और रात में गोई (Goi) बेस कैंप पर रुके। आरोप है कि इसी रात बबिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। जब काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना प्रशासन और पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों दोस्तों के खिलाफ अपहरण से संबंधित धारा 140(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दोनों युवकों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है, जिसमें आपसी विवाद, व्यक्तिगत संबंध और अन्य संभावित कारणों को भी खंगाला जा रहा है।

इसके अलावा ट्रेकिंग गाइड, स्थानीय लोगों और ट्रेकिंग एजेंसी से जुड़े व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है। बबिता के परिजन भी उत्तरकाशी में डेरा डाले हुए हैं और लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द युवती को खोजने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि बबिता के लापता होने की सूचना प्रशासन को 30 मई को मिली थी, जिसके बाद 31 मई से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई दिनों की खोजबीन के बावजूद अभी तक बबिता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे यह मामला और भी रहस्यमय बनता जा रहा है।

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